ब्रेकिंग

ब्रांडेड शोरूमों के भ्रामक प्रचार के खिलाफ सराफा व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, 'समान नीति' और सख्त नियमों की मांग

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 5 सितंबर तक, अब तक 1944 मरीजों की जांच

साहब की दबंगी, सफाईकर्मियों पर बरसाए 'प्रशासनिक' थप्पड़

बोल बम' के जयघोष से गुंजायमान होगी सूरजपुर नगरी,16अगस्त को ऐतिहासिक जमड़ी धाम के लिए प्रस्थान करेगी भव्य कांवड़ पदयात्रा

सूरजपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर दिखा भव्य नजारा, पर चरमराई यातायात व्यवस्था और DJ के शोर से लोग रहे परेशान

सूचना

: ब्रेकिंग ।जंगल मे लकड़ी लेने गए एक व्यक्ति की भालू से हुवा सामना ,भालू ने हमला किया तो बेसुध हुवा ग्रामीण...

Admin

Tue, Aug 27, 2019

संदीप पाल

भैयाथान ।सूरजपुर जिले के ओडग़ी तहसील के अंतर्गत ग्राम खोड़ मसंकी के जंगल में लकड़ी लेने गए 23 वर्षीय युवक पर भालू ने हमला कर दिया। युवक ने भी हिम्मत दिखाई और भालू से लड़ते हुए घायल हो गया और सांसे रोक कर अपनी जान बचाई वही भालू मरा समझ घटना स्थल से चल गया ।वही घटना के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़गी लाया गया जिसका प्राथमिक इलाज के बाद सूरजपुर रेफर किया गया स्थिति गम्भीर को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है।

ओडग़ी के ग्राम खोड़ मसंकी के जंगल मे लकड़ी लेने गए जयनाथ सिंह आत्मज रामशरण सिंह 23 वर्ष ने जंगल मे लकड़ी लेने गया हुवा था औऱ वापस लौटते वक्त भालू से उसका सामना हो गया। भालू ने उस पर हमला कर दिया जिससे उसके सिर, कंधा और हाथ में गहरे जख्म हो गए हैं।
 
अकेले लड़कर भगाया भालू को 
गंभीर रूप से जख्मी युवक जयनाथ सिंह का जब भालू से सामना हुआ तो वह अकेले ही उससे संघर्ष करता रहा और जब भालू ने उस पर हमला किया तो तो वह भी लड़ता रहा और मरा समझ भालू वहां से चला गया जिसके बाद जख्मी हालत में किसी तरह अपने गांव पहुंचा।

इनका मिला सहयोग

वही गम्भीर हालत को देखते हुए डॉ शांतनु कुशवाहा ने तत्काल संजीवनी एक्सप्रेस 108 में फोन किया और भैयाथान ईएमटी ओमप्रकाश कुशवाहा के द्वारा तत्काल भैयाथान से ओड़गी रवाना हो गए वही गम्भीर हालत को देखते हुए 46 किमी दूर जिला चिकित्सालय सूरजपुर पहुचाया जिसके बाद गम्भीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर रेफर किया गया।

नहीं मिली वन विभाग से कोई सहायता 
हमले से गंभीर हुए जयनाथ सिंह के परिजन ने बताया कि भालू के हमले से घायल होने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को देते हुए सहयोग की मांग की गई है। लेकिन ओडग़ी पहुंचने पर भी वन विभाग द्वारा किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं दी गई ।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें