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: खबर का असर... देवलोक की पहल के बाद नेत्रहीन छात्रा को मिल गई जीने की नई राह

Admin

Wed, Jul 25, 2018
प्रवेश गोयल सूरजपुर- ग्राम करसी के बांधपारा निवासी शिवनाथ पैकरा की 13 वर्षीया नेत्रहीन पुत्री सुखमेन को अंततः अपना भविष्य संवारने के लिए नई राह मिल ही गई। जिले के कलेक्टर केसी देवसेनापति की पहल पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी ने बीआरपी के माध्यम से नेत्रहीन बालिका सुखमेन का नेत्रहीन विद्यालय कुनकुरी में दाखिला करा दिया। सामान्य बच्चों की तरह अक्षर ज्ञान से वंचित सुखमेन को अब ब्रेललिपि के माध्यम से समुचित शिक्षा प्राप्त होगी सुखमेन के लिए किये गये इस प्रयास से वह बहुत खुश है। गौरतलब है कि जनपद पंचायत प्रतापपुर के ग्रामीण कृषक बांधपारा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षक विनय तिवारी द्वारा विद्यालय में एक नेत्रहीन बालिका के आम बच्चों के साथ अध्ययन करने की सूचना देवलोक को दी गई थी। सूचना मिलने एवं अपने बच्चे के भविष्य को लेकर शासन-प्रशासन से समुचित सहयोग की अपेक्षा के साथ देवलोक न्यूज ने सूरजपुर कलेक्टर केसी देवसेनापति के संज्ञान में लाने के बाद देवलोक के द्वारा में जारी समाचार को संज्ञान में लेते हुए प्रतापपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी जनार्दन सिंह ने उक्त बालिका के परिजनों से चर्चा कर नेत्रहीन विद्यालय में शिक्षा के लिए भेजने प्रेरित कर सहमति प्राप्त की। बाल कल्याण सेवा समिति सूरजपुर से समय पर समुचित सहयोग नहीं मिलने के बाद मानव जीवन ज्योति नेत्रहीन प्राथमिक शाला कुनकुरी जनपद पंचायत बतौली से विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा संपर्क किया गया एवं प्रतापपुर ब्लॉक में पदस्थ बीआरपी किशोर कुमार मुखर्जी के साथ नेत्रहीन बालिका कुमारी सुखमेन एवं उसके पिता शिवनाथ पैकरा को सर्व शिक्षा अभियान द्वारा संचालित आवासीय नेत्रहीन विद्यालय कुनकुरी भेजा गया। इस विद्यालय में नेत्रहीन बच्चों को ब्रेललिपि के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है इस विद्यालय में प्रवेश लेने के उपरांत सभी ओर से अपने बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित रहने वाले शिवराम पैकरा को अपने एक नेत्रहीन बच्ची को अच्छी शिक्षा मिलने की नई राह मिल गई है। इस पहल को लेकर सुखमेन सहित उनके पूरे परिवार ने देवलोक न्यूज परिवार को सहृदय धन्यवाद दिया।  

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