ब्रेकिंग

टोना-टोटके और प्रताड़ना के शक में पड़ोसी की टांगी से हत्या, पकड़े जाने के डर से आरोपी ने लगाई फांसी

महिला की मौत के बाद क्रेशर फूंका, बंधक बने SDOP, TI और तहसीलदार की कथित पिटाई; कानून-व्यवस्था हुई ध्वस्त

बस्ती में दौड़ते भारी वाहन, उजड़ते परिवार, एक महिला की मौत ने खोली व्यवस्था की पोल, गुस्से में सड़क पर उतरा गांव

सूरजपुर में मरे हुए किसान को दिया 1.29 लाख का लोन, अब बेटे से मांगा जा रहा 'मुर्दे का ब्याज'

राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सरल करने मुख्यमंत्री से मांग, सरपंच संघ ओड़गी ने सौंपा ज्ञापन

सूचना

: पुलिस चौकी में घुसकर दरोगा की पिटाई का मामला...दिव्यांग शिक्षक ने की मारपीट...पुलिस की कहानी में है कई पेच...उमेश्वरपुर पुलिस चौकी का मामला...

Admin

Thu, Oct 3, 2019

राजेश सोनी

सूरजपुर-आम आदमी के सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है लेकिन यदि पुलिस ही खुद को सुरक्षित ना समझे तो स्थिति क्या होगी यह सोचकर ही अजीब लगता है, ताजा मामला सूरजपुर के उमेश्वरपुर का है जहां पुलिस चौकी के दरोगा निर्मल वर्मा अपनी ही पुलिस चौकी में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं इनका आरोप हैं की जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जगते उनका एक साथी क्षितिज और एक विकलांग शिक्षक खामी सिंह मंगलवार की रात लगभग 11:00 बजे उनके पुलिस चौकी में पहुंचे और उनके बीच किसी पुराने मामले को लेकर चर्चा हो रही थी तभी अचानक एक हाथ से विकलांग शिक्षक खामी सिंह ने दरोगा निर्मल वर्मा से मारपीट शुरू कर दी  और उन्हें वर्दी उतरवाने की धमकी गंदी गंदी गालियां देते हुए वहां से चला गया| जिसके बाद चौकी प्रभारी ने इसकी जानकारी अपने आला अधिकारियों को दी और प्रेमनगर थाने पहुंचकर खामी सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दिया| चुकी पूरा मामला पुलिस अधिकारी से जुड़ा हुआ था इसलिए पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया और विकलांग शिक्षक खामी सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुट गई है| वहीं इस पूरे मामले में कांग्रेस के नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जगते मारपीट की घटना से इंकार कर रहे हैं, हां वे यह जरूर मान रहे हैं कि दोनों के बीच में बहस बाजी हुई थी साथ ही उनका यह भी कहना है कि खामी सिंह एक हाथ से पूरी तरह से विकलांग है और कमजोर व्यक्ति है ऐसे में वह पुलिस वाले की पिटाई कैसे कर सकता है जबकि अशोक जगते इस पूरी घटना के चश्मदीद गवाह हैं| बरहाल इस पूरे मामले में पुलिस की कहानी में कई पेच नजर आ रहे हैं, जैसे सबको पता है कि दरोगा के पास सरकारी पिस्टल होती है साथ ही थाने में अन्य पुलिसकर्मियों के भी हथियार रहते हैं, ऐसे में एक साधारण विकलांग व्यक्ति पुलिस चौकी में पहुंच गए थानेदार की पिटाई कर गाली गलौज और धमकी देते हुए वहां से चला जाता है यह कहानी किसी के भी समझ के परे है, ऐसे में यह देखने वाली बात होगी इस पूरे मामले में इस पर और क्या कार्रवाई होती है|

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें