ब्रेकिंग

टोना-टोटके और प्रताड़ना के शक में पड़ोसी की टांगी से हत्या, पकड़े जाने के डर से आरोपी ने लगाई फांसी

महिला की मौत के बाद क्रेशर फूंका, बंधक बने SDOP, TI और तहसीलदार की कथित पिटाई; कानून-व्यवस्था हुई ध्वस्त

बस्ती में दौड़ते भारी वाहन, उजड़ते परिवार, एक महिला की मौत ने खोली व्यवस्था की पोल, गुस्से में सड़क पर उतरा गांव

सूरजपुर में मरे हुए किसान को दिया 1.29 लाख का लोन, अब बेटे से मांगा जा रहा 'मुर्दे का ब्याज'

राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सरल करने मुख्यमंत्री से मांग, सरपंच संघ ओड़गी ने सौंपा ज्ञापन

सूचना

: हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास...जिला एवं सत्र न्यायलय ने हत्या के आरोपी को दी आजीवन कारावास की सजा...

Admin

Wed, Nov 6, 2019

राजेश सोनी

सूरजपुर- माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्या के आरोपी को दी आजीवन कारावास की सजा। पूरा मामला प्रेमनगर का है, ग्राम कोटेया निवासी रामेश्वरी बाई बिझिंया सुबह अपने खेत में काम करने गई थी जिसके लिए प्रार्थी धीरसाय बिझिंया खाना लेकर खेत पर पहुंचा जो उसने देखा कि खेत के पास रामेश्वरी के झोपड़ीनुमा घर के पास सियाराम बिझिंया हाथ में टांगी रख भाग रहा था रूकने की आवाज देने पर अटेम नदी के तरफ भाग गया। धीरसाय घर के अंदर जाकर देखा जो इसकी बड़ी सास रामेश्वर बाई के सिर मनपटी में चोट लगकर खून से लतपथ बेहोश पड़ी थी। पिछले 2-3 वर्षो से आरोपी का रामेश्वरी के साथ बेजा कब्जा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था इसी जमीन संबंधी विवाद को लेकर आरोपी सियाराम द्वारा रामेश्वरी के सिर में प्राणघातक वार कर हत्या कर दिया।
                मामले की रिपोर्ट पर प्रेमनगर पुलिस ने सियाराम बिझिंया के विरूद्व अपराध क्रमांक 48/18 धारा 449, 302 भादवि के तहत् पंजीबद्व किया। प्रकरण की विवेचक निरीक्षक आर.एन.कुजूर के द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा एवं प्रकरण में साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय सूरजपुर में पेश किया।
                इस मामले की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश हेमन्त सराफ माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां हुई। माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई गत् दिवस पूरी करते हुये गवाहों के बयान, पीएम रिपोर्ट के साक्ष्य के आधार पर ग्राम गोकुलपुर थाना रामानुजनगर निवासी सियाराम सिरदार पिता मधऊराम को धारा 449 भा.द.सं. के तहत् 10 वर्ष कठोर कारावास व 5 सौ रूपये अर्थदण्ड एवं धारा 302 भा.द.सं. के तहत् आजीवन कारावास व 500 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें