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: 31 जुलाई खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि...5 प्रतिशत होगी कृषकों की प्रीमियम राशि...

Admin

Fri, Jul 28, 2023

सूरजपुर.  राज्य में उद्यानिकी फसलों में पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम खरीफ वर्ष 2023-24 के क्रियान्वयन हेतु छ.ग. शासन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसके अंतर्गत जिले में अधिसूचित फसलें टमाटर, केला, बैगन, मिर्च, अदरक, पपीता, व अमरूद है। छत्तीसगढ़ में फसलों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए के क्रियान्वयन संबंधी अधिसूचना कृषि विभाग द्वारा जारी कर दी गई है। खरीफ वर्ष 2023-24 में फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। योजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्व निरीक्षक मण्डल को बीमा इकाई बनाया गया है एवं किसानों को बीमा हेतु कास्त के लिए निर्धारित ऋण में (बीमा राशि) का 5 प्रतिशत प्रीमियम के रूप में देय होगा। इन सभी फसलों के जोखीम अवधि 1 मार्च 2023 से 31 दिसम्बर 2024 तक है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रतिकूल मौसम जैसे- अधिक वर्षा कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, अधिक तापमान, कम तापमान, बीमारी अनुकूल मौसम, वायु गति से होने वाली फसलों की क्षति के नुकसान का आकलन स्वचालित मौसम केंद्र ( AWS) द्वारा किया जायेगा।स्थानीय आपदा ओलावृष्टि की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-2095959 पर या लिखित रूप से 72 घंटो के भीतर बीमा कंपनी संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभाग व जिला अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करें। सभी ऋणी एवं अऋणी कृषक जो भी उद्यानिकी फसलें ले रहे है, उन व्यक्तियों को 31 तक लोकसेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से बीमा करा सकते है। ऋणी कृषक अपने सहकारी, ग्रामीण, वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं से संपर्क कर नामांकन भर सकतें है।अऋणी कृषक नक्शा खसरा एवं पासबुक की प्रति एवं क्षेत्र बुवाई प्रमाण पत्र या बुवाई के आशय का स्वघोषणा पत्र जो क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी एवं ग्रा.उ.वी. अधिकारी द्वारा सत्यापित हो जमा कर नामांकन कर सकते है। जिले में फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया हैं।इस संबंध में विस्तृत जानकारी सहायक संचालक उद्यान कार्यालय या मैदानी क्षेत्रों में पदस्थ उद्यान विकास अधिकारियों से प्राप्त किया जा सकता है।

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