ब्रेकिंग

दीयों की चकाचौंध में गुम हुई गोबरी नदी की टूटी पुलिया: तेल के दाम से रसोई ठंडी, पर भाषणों से सूरजपुर हुआ ‘रोशन’!

ताली, थाली और अब दिया,‘दीया टास्क’,

PM मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के उपलक्ष्य में भाजपा चलाएगी 'सेवा संकल्प अभियान'

संतुष्टि का धन, कवित्री डॉ. पूनम माटिया

हत्या गिर

सूचना

इश्क का टावर : महबूब की बेरुखी से नाराज टावर पर चढ़ी प्रेमिका को उतारा गया,3 घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा!

Rajesh Soni

Fri, Jul 31, 2026

पुलिसवाले गुहार लगाते रहे— "बेटी, नीचे उतर आ, इश्क की ऐसी सजा मत दे!"

सूरजपुर। प्यार में हद से गुजर जाने की कसमें तो सब खाते हैं, लेकिन सूरजपुर में तो एक आशिक़ना दिल ने सचमुच आसमान छू लिया! दो साल के सच्चे इश्क की बेरुखी से आहत होकर एक प्रेमिका अपने महबूब की तलाश में सीधे मोबाइल टॉवर पर जा चढ़ी।

मोहब्बत का आसमान और सब्र का इम्तिहान

​कहानी है 18 साल की युवती की, जिसका दिल पिछले दो-तीन सालों से बृजेश साहू पर धड़कता था। लेकिन वक्त की आंधी ने कुछ ऐसा रुख बदला कि प्रेमी पिछले दो-तीन महीनों से परदेस (बाहर) कमाने चला गया और महबूब ने फोन पर हाल-चाल लेना भी छोड़ दिया। इश्क में खामोशी और बेरुखी का यह दर्द आरती से सह नहीं गया।

​जब थाने की चौखट पर टूटा सब्र का बांध

​प्रेमी की बेवफाई से तंग आकर आरती ने पहले थाने का दरवाज़ा खटखटाया, फिर न्याय की आस में जिला मुख्यालय पहुंचकर एसपी के दरबार में भी गुहार लगाई। लेकिन जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई, तो इश्क की इस मुसाफिर का सब्र टूट गया।

​बिहारपुर थाने के परिसर में लगे वायरलेस टॉवर को ही उसने अपना 'आशियाना' बना लिया और टावर पर चढ़कर चीख-चीखकर कहने लगी—

"अगर मेरा साजन मुझसे मिलने नहीं आया, तो आज यह जान यहीं दे दूंगी!"


जब थम गईं साँसें और हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

​युवती के इस खतरनाक कदम से पुलिसवालों के माथे पर पसीने छूट गए और हवा में सांसें अटक गईं। नीचे तमाशबीनों का भारी हुजूम लग गया। माता-पिता हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे, और पुलिसवाले गुहार लगाते रहे— "बेटी, नीचे उतर आ, इश्क की ऐसी सजा मत दे!"

​तीन घंटे तक यह हाई-वोल्टेज ड्रामा आसमान और जमीन के बीच चलता रहा।

फरिश्ते बनकर आए मसीहा

​आखिरकार इस प्रेम कहानी में संकटमोचन बनकर आए बिहारपुर थाने के आरक्षक मुकेश साहू और ग्रामीण रमेश वैश्य। दोनों ने अदम्य साहस और धैर्य का परिचय दिया, खुद टावर की ऊंचाइयों पर चढ़े और युवती के आंसुओं को पोछते हुए उसे समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतार लाए। सुरक्षित नीचे उतरते ही पुलिस प्रशासन और परिजनों की जान में जान आई। फिलहाल, थाने में बैठाकर युवती की तमाम शिकायतों और शिकवों को दूर करने की कोशिश जारी है।

​इश्क में टावर पर चढ़ना भले ही जान जोखिम में डालना हो, पर दीवानगी की इस दास्तान ने यह साबित कर दिया कि मोहब्बत आज भी सरहदें और ऊंचाइयां पार करने का माद्दा रखती है!

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें