ग्रेड पे विसंगति : छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन का प्रदेशव्यापी विरोध, 30 अक्टूबर को राजधानी में महारैली की चेतावनी
Subhas Gupta
Thu, Oct 8, 2026
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले नर्सिंग संवर्ग ने वर्षों से लंबित वेतन विसंगति और ग्रेड पे वृद्धि की मांग को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। ‘छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन’ के प्रांतीय आह्वान पर 7 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करते हुए ज्ञापन अभियान चलाया गया। इसी क्रम में सूरजपुर जिला मुख्यालय सहित सभी ब्लॉक स्तरों पर स्वास्थ्य कर्मियों ने भोजन अवकाश (लंच ब्रेक) के दौरान प्रदर्शन कर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर पर मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 30 अक्टूबर को रायपुर में महारैली निकाली जाएगी और दीपावली तक समाधान न होने पर प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन
सूरजपुर जिला मुख्यालय में नर्सेस एसोसिएशन की जिला सचिव श्रीमती ज्योति साधना श्रीवास्तव के नेतृत्व में नियमित स्टाफ नर्सों और नर्सिंग कर्मियों ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) तथा सिविल सर्जन को सौंपा।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य संचालक संजीव झा को भी ज्ञापन भेजकर 2018 की कमेटी रिपोर्ट के आधार पर ग्रेड पे पुनरीक्षित करने का अनुरोध किया गया। प्रदर्शन में किरण सिंह, दिव्या सिंह, सोनू साहू, तेजकुमारी, रानू, राजकुमारी साहू, शिवकुमारी सिंह, प्रमिला टोप्पो, बबिता, मनीषा सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 में नर्सिंग संवर्ग ने इन्हीं मांगों को लेकर व्यापक आंदोलन किया था, जिसके बाद शासन ने एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने ग्रेड पे बढ़ाने की स्पष्ट अनुशंसाएं की थीं, लेकिन 8 वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें लागू नहीं किया गया।
संगठन का तर्क है कि केंद्र सरकार और निकटवर्ती राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में स्टाफ नर्सों का वेतनमान काफी कम है। वहीं वर्ष 2023 में हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले हुए आंदोलन के दौरान 2500 से अधिक कर्मचारियों पर निलंबन और बर्खास्तगी जैसी दंडात्मक कार्रवाइयां तो की गईं, लेकिन मूल समस्याओं का स्थायी समाधान आज तक नहीं निकाला गया।
आंदोलन की रूपरेखा और संभावित प्रभाव
संगठन ने शासन को अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की आगामी रूपरेखा जारी की है:
30 अक्टूबर 2026: राजधानी रायपुर में प्रदेशव्यापी विशाल महारैली और धरना प्रदर्शन।
दीपावली के बाद: मांगों पर ठोस निर्णय न होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार।
नर्सेस एसोसिएशन ने प्रशासन को आगाह किया है कि अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति में यदि प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं या आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
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