अग्रसेन सप्ताह में चमकी नई पीढ़ी की सोच : नन्हीं आन्या ने 'खुली आंखों के न्याय' से जगाई नई उम्मीद, बनीं प्रतियोगिता की सिरमौर
Subhas Gupta
Thu, Oct 8, 2026
सूरजपुर। महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव के उल्लासमय वातावरण में अग्रवाल सभा द्वारा आयोजित 'अग्रसेन सप्ताह' के मंच पर कई प्रेरक और ऊर्जावान दृश्य देखने को मिला। अग्रोहा भवन में आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता केवल रंग-बिरंगे परिधानों का प्रदर्शन नहीं रही, बल्कि इसने यह साबित कर दिया कि देश की भावी पीढ़ी कितनी जागरूक, सशक्त और प्रगतिशील सोच रखती है।
समारोह में सर्वाधिक प्रेरणादायक क्षण तब आया जब कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल की कक्षा चौथी की छात्रा आन्या तायल ने मंच संभाला। आन्या ने पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर आधुनिक व पारदर्शी भारत के प्रतीक के रूप में 'न्याय की देवी' का अवतार लिया। उन्होंने बड़े ही ओजस्वी और सकारात्मक स्वर में कहा कि आज का भारत बदलाव की राह पर है जहाँ न्याय की आंखें खुली हैं, दृष्टिकोण स्पष्ट है और हर नागरिक को सच की रोशनी में इंसाफ मिल रहा है। नन्हीं सी उम्र में आन्या के भीतर का यह सामाजिक बोध और आत्मविश्वास देखते ही बनता था। जब उन्होंने पूरे गर्व के साथ मंच से घोषणा की कि "बड़ी होकर मैं न्यायाधीश बनकर समाज में सत्य और निष्पक्षता की मशाल जलाऊंगी," तो पूरा सभागार देर तक गूंजती करतल ध्वनि से उनका अभिनंदन करता रहा। सटीक अभिव्यक्ति, उत्कृष्ट विचार और प्रभावशाली संवाद के दम पर आन्या ने प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
अग्रवाल सभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों और उपस्थित अभिभावकों ने आन्या सहित सभी प्रतिभागी बच्चों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों में समाज के प्रति यह सजगता और राष्ट्र निर्माण का ऐसा सुंदर सपना देखना ही अग्रसेन जयंती की वास्तविक सार्थकता है। यह आयोजन हर दिल में नई उम्मीद, गर्व और ऊर्जा का संचार कर गया।
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