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अदालत का ऐतिहासिक फैसला, मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत 3 को मृत्युदंड; एक को आजीवन कारावास

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सूरजपुर दोहरा हत्याकांड : अदालत का ऐतिहासिक फैसला, मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत 3 को मृत्युदंड; एक को आजीवन कारावास

Subhas Gupta

Thu, Oct 8, 2026

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित प्रधान आरक्षक की पत्नी और नाबालिग पुत्री के दोहरे हत्याकांड में स्थानीय फास्ट ट्रैक अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और बर्बरता को देखते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप साहू सहित तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि एक अन्य दोषी को आजीवन कारावास का दंड दिया गया है।

​अदालत द्वारा घोषित सजा का विवरण इस प्रकार है:

  • ​कुलदीप साहू: मृत्युदंड (फांसी)

  • ​फूल सिंह उर्फ रिंकू: मृत्युदंड (फांसी)

  • ​चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके: मृत्युदंड (फांसी)

  • ​आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी: आजीवन कारावास

​13 अक्टूबर 2024 की रात दहला था सूरजपुर

गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2024 की रात हेड कांस्टेबल तालिब शेख के घर में घुसकर उनकी पत्नी और नाबालिग बेटी की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद पूरे सूरजपुर जिले में भारी आक्रोश और कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई थी। पुलिस जांच अधिकारी विमलेश दुबे के नेतृत्व में मामले की गहन विवेचना की गई और कुल छह आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था। विचारण के दौरान साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने पूर्व में दो आरोपियों—सूरज साहू और निलकेश्वर साहू को दोषमुक्त कर दिया था।

​अदालत की सख्त टिप्पणी

सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। पूर्व में सामने आए आरोपियों के संवेदनहीन आचरण और मुस्कुराते हुए वीडियो पर अदालत ने सख्त ऐतराज जताया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे आचरण से समाज में गलत संदेश जाता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस नृशंस अपराध को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (रेअरेस्ट ऑफ रेयर) श्रेणी का मानते हुए तीन प्रमुख दोषियों को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया।

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