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वरिष्ठजनों के सम्मान और अधिकारों की आवाज बना विधिक सेवा प्राधिकरण का दो दिवसीय अभियान

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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस : वरिष्ठजनों के सम्मान और अधिकारों की आवाज बना विधिक सेवा प्राधिकरण का दो दिवसीय अभियान

Rajesh Soni

Thu, Oct 1, 2026

वृद्धाश्रम से लेकर जिला जेल तक दी गई कानूनी जानकारी; स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक हुए लाभान्वित

​सूरजपुर: अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सूरजपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय विशेष विधिक जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण पर केंद्रित इस पहल ने वृद्धजनों में अधिकारों के प्रति सजगता और सामाजिक सुरक्षा के प्रति नया विश्वास जगाया।

​स्नेह संबल वृद्धाश्रम में विधिक मार्गदर्शन और स्वास्थ्य परीक्षण

अभियान के प्रथम चरण में 30 सितंबर को स्नेह संबल वृद्धाश्रम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आश्रम के संवासियों के साथ-साथ ग्राम तिलसिवा के वरिष्ठ नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। विधिक साक्षरता के साथ आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ सैकड़ों ग्रामीणों एवं बुजुर्गों ने उठाया।

​कार्यक्रम में उपस्थित व्यवहार न्यायाधीश प्रथम श्रेणी, हिमांशु पंडा ने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007' के प्रमुख प्रावधानों को सरल शब्दों में रेखांकित किया। उन्होंने वरिष्ठजनों के भरण-पोषण, बुनियादी सुविधाओं, मासिक भत्ते के अधिकार और आवेदन की वैधानिक प्रक्रियाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी हिमालय रवि, वृद्धाश्रम अधीक्षिका पायल गुप्ता, ग्राम सरपंच कामेश्वर सिंह सहित पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs) उपस्थित रहे।

​जिला जेल में बंद वरिष्ठ बंदियों को विधिक सहायता की जानकारी

अभियान के दूसरे दिन, 01 अक्टूबर को सूरजपुर जिला जेल में निरुद्ध वरिष्ठ बंदियों के लिए विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की अध्यक्षता करते हुए चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल (LADC) हृदय नारायण श्रीवास्तव ने बदलते सामाजिक परिवेश में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और पारिवारिक दायित्वों पर विचार रखे।

​डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल राजेन्द्र प्रसाद पाठक ने भरण-पोषण अधिकरण के कार्यप्रणाली, विधिक सहायता प्राप्त करने के माध्यमों तथा कानूनी उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस कौंसिल कु. वैशाली, श्वेता राय और चक्के लाल विश्वकर्मा भी उपस्थित रहे।

​कुशल मार्गदर्शन में सार्थक पहल

यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दिशा-निर्देशन, प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष थॉमस एक्का के मार्गदर्शन तथा सचिव सुश्री पायल टोपनो की निगरानी में संपन्न हुआ। पैरालीगल वालंटियर्स सत्य नारायण, चिरंजीव राजवाड़े, तिजेश्वरी राजवाड़े एवं कृष्णकांत ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग दिया।

​अभियान ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा केवल औपचारिक कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में उनकी गरिमा, सुरक्षा और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने की एक साझा जिम्मेदारी है।

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