सूरजपुर दोहरा हत्याकांड : 714 दिन बाद इंसाफ की दहलीज पर फैसला, दरिंदे कुलदीप साहू समेत 4 दोषी करार; 8 अक्टूबर को सजा का ऐलान
Rajesh Soni
Mon, Sep 28, 2026
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले हेड कॉन्स्टेबल परिवार हत्याकांड में अदालत का डंडा चला है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू सहित चार को मां और उसकी 11 वर्षीया मासूम बेटी के साथ अनाचार, पोक्सो और दोहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया है। 714 दिनों की कानूनी लड़ाई के बाद अदालत 8 अक्टूबर को चारों दोषियों की सजा का ऐलान करेगी।
दरिंदगी के 4 गुनाहगार सिद्ध
फास्ट ट्रैक अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मुख्य आरोपी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके, फूल सिंह उर्फ रिंकू और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और 11 साल की बेटी से दुष्कर्म (रेप व पोक्सो) और नृशंस हत्या का सीधे तौर पर दोषी ठहराया है।
पुलिस को कुचलने के जुर्म में कुलदीप को 10 साल की कैद
हत्याकांड को अंजाम देने से पहले खाकी को रौंदने की हिमाकत करने वाले कुलदीप साहू को पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले का भी दोषी पाया गया। अदालत ने पुलिस अधिकारियों व जवानों पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
फायरिंग मामले में मिला संदेह का लाभ, दो बरी
वारदात के बाद भागते समय पुलिस टीम पर गोली चलाने के आरोप में अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए कुलदीप साहू को दोषमुक्त कर दिया। वहीं मामले के दो अन्य आरोपी—सूरज साहू और नीलकेश्वर साहू—साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिए गए।
13-14 अक्टूबर 2024: वह काली रात जिसने इंसानियत को झकझोरा
13-14 अक्टूबर 2024 की दरमियानी रात सूरजपुर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख की गैर-मौजूदगी में उनके घर में घुसकर पत्नी और 11 साल की मासूम बेटी को अगवा किया गया था। वहशी दरिंदों ने दोनों के साथ बर्बर अनाचार किया, धारदार हथियारों से उनकी निर्मम हत्या की और लाशों को सड़क किनारे निर्वस्त्र फेंक दिया था। इस जघन्य वारदात ने पूरे प्रदेश में जनाक्रोश भड़का दिया था।
अदालत ने अब मुख्य साजिशकर्ता कुलदीप साहू और उसके तीनों मददगारों के गुनाह पर मुहर लगा दी है। अब पूरे प्रदेश की निगाहें 8 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब अदालत इन दरिंदों के अंजाम का फैसला सुनाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन