कुकर्मी' गुरु : छात्रा से दरिंदगी करने वाला गिरफ्तार शिक्षक को शिक्षा विभाग ने किया निलंबित
Rajesh Soni
Mon, Sep 28, 2026
सूरजपुर। जिस शिक्षक के हाथों में बच्चों का भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी थी, उसी ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया। सूरजपुर जिले से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार कर देने वाला घिनौना मामला सामने आया है, जहां एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और लैंगिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप में सहायक शिक्षक मधुसूदन गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस शर्मनाक करतूत के उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित कर दिया है।
स्कूल की आड़ में घिनौनी करतूत, पॉक्सो एक्ट समेत कई संगीन धाराएं दर्ज
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अधिना (सलका), विकासखंड भैयाथान में प्रयोगशाला सहायक के पद के विरुद्ध पदस्थ सहायक शिक्षक एल.बी. मधुसूदन गुप्ता पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैयाथान की छात्रा के साथ बलात्कार और दैहिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़िता की शिकायत पर भटगांव थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 64(2)(M), 351(3), 238 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 4 एवं 6 जैसी गैर-जमानती व कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे 21 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
शिक्षकीय गरिमा को रौंदा, विभाग की छवि पर पोती कालिख
जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि आरोपी शिक्षक का यह कृत्य न केवल शिक्षकीय गरिमा के पूरी तरह विपरीत है, बल्कि इससे पूरे शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का खुला उल्लंघन है।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत आरोपी मधुसूदन गुप्ता को शासकीय सेवा से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रेमनगर मुख्यालय नियत, केवल निर्वाह भत्ता मिलेगा
आदेश के तहत निलंबन अवधि में आरोपी का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा कार्यालय प्रेमनगर निर्धारित किया गया है, जहां उसे नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही प्राप्त होगा। निलंबन आदेश की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर सूरजपुर सहित सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आगामी सख्त वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी गई है।
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