सुरों के सरताज मोहम्मद रफी : सुरों के सरताज मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर आज: 'शाम-ए-रफी' में सजेगी यादों की महफिल, सूरजपुर में गूंजेंगे अमर नगमे
Rajesh Soni
Fri, Jul 31, 2026
"खोया खोया चाँद, खुला आसमान... सुरों के सूरज को आज है सारा जहान सलाम!"
सूरजपुर । भारतीय संगीत जगत के स्वर्णिम आकाश के सबसे चमकते सितारे और अपनी जादुई व रूहानी आवाज से हर धड़कन पर राज करने वाले अमर गायक मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर आज सूरजपुर में सुरों का एक अलौकिक कारवां सजने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुरीली यादों और गीतों से सराबोर इस खास शाम को जीवंत करने के लिए नगर के साधुराम सेवा कुंज में फ्रेंड क्लब के बैनर तले होने वाले इस भव्य आयोजन की तमाम तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं।
मंच और सुरों की सजावट: भव्य मंच सजावट, अत्याधुनिक ध्वनि व्यवस्था (साउंड सिस्टम) और कलाकारों के अंतिम रिहर्सल का दौर पूरा हो चुका है।
रूहानी गीतों की महफिल: जिले के नामी और उभरते हुए संगीत प्रेमी मंच पर उतरकर रफी साहब के गाए हुए उन सदाबहार और रूहानी नगमों को अपनी आवाज देंगे, जो आज भी करोड़ों दिलों की धड़कन हैं।
संगीत प्रेमियों में भारी उत्साह: रफी साहब के दीवानों में आज के इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व दीवानगी और उमंग देखने को मिल रही है।
जैसे-जैसे शाम ढलेगी, साधुराम सेवा कुंज का यह पूरा परिसर रफी साहब के उन अमर गीतों से गूंज उठेगा, जो पीढ़ियों से संगीत प्रेमियों की रूह को सुकून देते आए हैं। आज की यह सुरीली संध्या महान गायक को एक बेहद अनूठी और श्रद्धांजलि होगी, जिसमें हर सुनने वाला उनकी सुरीली यादों के समंदर में डूब जाने को बेताब है।
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