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: शासकीय मदिरा दुकान में कोचियों की साठ गाठ से प्रिंट रैट से अधिक में बिक रही है शराब

सचिन तायल

प्रतापपुर शासकीय मदिरा दुकान में प्रिंट रेट से अधिक दर पर सराब बिक्री का मामला प्रकाश में आया है लोगो से मिली जानकारी के मुताबित शासकीय मदिरा दुकान में आदमी देखकर मनमौजी रेट पर
सराब बिक्री की जाती है! स्टॉक कम हो जाने पर ब्लैक में सराब की बिक्री खुले आम की जाती है
जहाँ पर शासकीय मदिरा दुकान है वहाँ पर मंदिर एवम शासकीय विद्यालय है

प्रतापपुर केनापरा जहां पर शासकीय मदिरा दुकान संचालित है वहाँ पर बगल में शासकीय विद्यालय एवं मंदिर है जिससे छात्रों को बुरी लत लग रही है शासन प्रशासन द्वारा अगर ठोस पहल नहीं की गई तो इससे युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं कई बार लोगों की शिकायत के बाद भी आज तक शासकीय विद्यालय के पास से शराब दुकान को नहीं हटाया गया है इसे पहले कई लोगों ने पुरजोर विरोध भी किया था पर आज तक कोई कार्यवाही ना होने से लगातार इससे स्कूल के बालक नशे की चपेट में आ रहे है पालको द्वारा कई बार इस विषय में लोगों का ध्यान आकर्षित कराया था पर आज तक इस पर किसी ने पहल नही की जिससे बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है

शासकीय मदिरा दुकान में कोचियों को अवैध रूप से भारी मात्रा में दी जाती है शराब
लोगो से मिली जानकारी के मुताबित शासकीय मदिरा दुकान में कोचियों कर्मचारियों से सेटिंग कर भारी मात्रा में शराब इनको दे दी जाती है और कोचियों द्वारा अनाप सनाप रेट पर शराब की अवैध तरीके से बिक्री करते है जिससे शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है प्रतापपुर क्षेत्र में एक शराब दुकान होने से ग्रामीण इलाके में कोचियों द्वारा जमकर आस पास के गांवों में ऊंचे दामों में शराब बेची जाती है जिसमे अंग्रेजी शराब दुकान के कर्मचारियों एवम कोचियों का कमीशन होता है जिसमे माल की खपत भी अधिक हो जाती है लोगो से मिली जानकारी के अनुसार लगातार देखा गया है कि किसी विशेष पर्व पर शराब दुकान को शासन द्वारा सील कर बंद कर दिया जाता है अंग्रेजी शराब दुकान में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा सील होने से पहले शराब निकाल कर आस पास के घरों में रख दी जाती है फिर ग्राहकों को अपने मन मुताबित रेट पर कोचियों से मिल कर बेचा जाता है

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